
अगले जनम में भी इतनी अच्छी रहे वो... इतना सा बदल जाये मुझे अपना कहे वो दुनिया का दर्द हो तो आँसू चाहे बहे वो जब उस का दुख मिले आँखों में रहे वो मैं सागर बन जायूं वो लहर नदी की.. साहिल साहिल शाम सहर साथ बहे वो ये सिफ़त कायम रहे दिल उसका पढ़ सकूँ कुछ भी ना सुनू मैं कुछ भी ना कहे वो इस जनम मेरे दिल में है अगले जनम में दिल में भी रहे वो मेरे घर भी रहे वो इस बार की मुहब्बत तो मेरी ख़ाता है जब प्यार करूँ मैं क्यों दर्द सहे वो उस बात का चाहे मानी कोई ना हो
कभी कानो में मेरे इक बात कहे वो

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